स्मृति ईरानी, महिला आयोग और अंकिता शुक्ला की मदद
सोशल मीडिया पर कभी भी कुछ भी ट्रेंड कर जाता है. पर जहाँ सोशल मीडिया मीम्स और ट्रोलर्स की वजह से बदनाम है, वहीँ कभी कभी यही सोशल साइट्स कुछ लोगों की भलाई के काम भी आ जाता है. दरअसल 29 सितम्बर यानी रविवार को ट्विटर पर देर रात एक ट्वीट वायरल हो गया. ये ट्वीट किसी भी राजनेता या सेलेब्रिटी का नहीं बल्कि एक आम महिला का था, नाम है ‘अंकिता शुक्ला’. अंकिता का नाम और ये ट्वीट देखते देखते इसलिए वायरल हुआ क्योंकि, इसमें वो खुद को बचने के लिए मदद मांग रहीं हैं. अंकिता ट्वीट में लिखतीं हैं, ‘प्लीज मुझे बचा लीजिये. मै अपनी ज़िन्दगी ख़त्म करने की सिरे पर हूँ. केन्द्रिय मंत्री स्मृति ईरानी और राष्ट्रीय महिला आयोग को टैग करते हुए अंकिता आगे लिखतीं हैं, कि आयुष वेदांत और उसके ग्रुप के द्वारा, मैं हर एक मिनट शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक शोषण का शिकार हो रहीं हूँ. अब मैं ये और सहन नहीं कर सकती. 
इसके बाद राष्ट्रीय महिला आयोग ने अपने अधिकृत ट्वीटर हैंडल से इस ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए अंकिता से जल्दी ही कनेक्ट करने की बात कही. इसके बाद राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने ट्वीट कर जानकारी दी कि, अंकिता से हमारी बात हो गयी है, और अब वो पहले से बेहतर हैं. कल सुबह तक उन्हें हमारी मदद मिल जाएगी. अंकिता ने भी इस ट्वीट के जवाब में कहा है कि,रेखा मैम से बात हो गयी है, मैं पहले से बेहतर हूँ.
अंकिता शुक्ला के अकाउंट से पहला ट्वीट 29 सितम्बर रविवार को रात में 8.25 पर आया. इस ट्वीट में उन्होंने कुछ लड़कों के नाम लिखकर उनपर रेप की धमकी देने, उनकी फोटो का ग़लत इस्तेमाल करने और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप लगाये हैं. और इन लड़कों पर आरोप हैं, उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रहीं हैं.


